टोपी
देखो देखो खेल देखो
टोपी का भाई खेल देखो !
टोपी का भाई खेल देखो !
चुनाव के मौसम मे,
टोपी का भी मोल देखो !
टोपी का भी मोल देखो !
गांधी तो चले गये,
आप ने उसे अपना लिया !
आप ने उसे अपना लिया !
गांधी टोपी के बदले,
आम आदमी ने अपना लिया !
आम आदमी ने अपना लिया !
शोहरत देखो टोपी की,
हर धर्म मे छा: गयी !
हर धर्म मे छा: गयी !
टोपी के नामसे,
टी आर पी भी बढ गयी!
टी आर पी भी बढ गयी!
किसीने उसे अपनाया है,
किसीने ऊसे नकारा था !
किसीने ऊसे नकारा था !
वसुल हर किसीने,
अपना अपना अपनाया था !
अपना अपना अपनाया था !
गांधी टोपी, नेहरु टोपी
की भी अपनी पहचान थी !
की भी अपनी पहचान थी !
चुनाव की इस दौर मे,
सब की जान टोपी थी !
सब की जान टोपी थी !
सुभाष एम थोरात
चालीसगाव १९/०४/२०१४,
चालीसगाव १९/०४/२०१४,